ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ में फिर बिगड़ा मौसम, रायपुर-बिलासपुर समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य का सम्मान, छत्तीसगढ़ के 64 शिक्षकों को राज्यपाल करेंगे सम्मानित दर्दनाक सड़क हादसा, पेड़ से टकराई बाइक; दो नाबालिगों की मौके पर मौत कर्ज वसूली के नाम पर बर्बरता, महिला और बेटे को बंधक बनाकर पीटा; निर्वस्त्र कर वीडियो बनाने का आरोप नर्मदा में 15 लोगों की जान पर बनी! पेट्रोलिंग बोट का इंजन बंद, तेज बहाव में डूबी नाव भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा - मुख्यम... मृत भालू के नाखून काटकर ले जाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार रायगढ़ की बदलेगी तस्वीर: विकास परियोजनाओं का वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने किया मैराथन निरीक्षण जल संरक्षण में सूरजपुर का ऐतिहासिक प्रदर्शन- देश में चौथा और छत्तीसगढ़ में मिला पहला स्थान जिस पानी से बुझती है प्यास, वही बढ़ा रहा किडनी की बीमारी का खतरा? सामने आया बड़ा दावा
छत्तीसगढ़रायपुर

छत्तीसगढ़: चैतन्य बघेल को ED मामले में बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़ा मामला गंभीर मोड़ पर पहुँच गया है। बिलासपुर उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने ED की कार्रवाई और गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताकर चुनौती दी थी।

याचिका में क्या था दावा
चैतन्य बघेल ने अदालत में तर्क दिया था कि ED की कार्रवाई नियमों के खिलाफ है और गिरफ्तारी भी गैरकानूनी तरीके से की गई। उनका यह भी कहना था कि जांच और गिरफ्तारी में हस्तक्षेप करने का उनके पास अधिकार है।

हाईकोर्ट का फैसला
जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने 24 सितंबर को सुरक्षित रखे गए फैसले में कहा कि ED की जांच और गिरफ्तारी में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप कानूनी तौर पर उचित नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एजेंसी ने पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुरूप पूरी की है।

ED की पैरवी
एजेंसी की ओर से पेश एडवोकेट सौरभ पांडेय ने अदालत में बताया कि जांच में सभी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया। कोर्ट ने ED के तर्कों को मान्यता देते हुए चैतन्य बघेल की याचिका खारिज कर दी।

शराब घोटाले से जुड़ा मामला
चैतन्य बघेल छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में आरोपी हैं। उन्हें 6 अक्टूबर को एसीबी-ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें 13 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
गिरफ्तारी के बाद चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने सीबीआई और ED की जांच शक्तियों पर सवाल उठाए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया और उन्हें पहले हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button